बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान 'दित्वाह' ने पड़ोसी देश श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है, जहाँ अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 21 लापता लोगों की तलाश जारी है। इस भीषण चक्रवात के बाद अब इसका असर भारत में भी दिखने को मिलेगा। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 30 नवंबर को तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और केरल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बंगाल की खाड़ी में बनने वाला यह तीसरा चक्रवात है। इंडियन मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो अत्यंत सतर्कता का संकेत है। साइक्लोन से 100 किलोमीटर प्रति घंटा (kmph) तक की रफ़्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है, जिसके मद्देनजर मछुआरों को रविवार तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
🇮🇳 भारत ने भेजी राहत सामग्री: ऑपरेशन सागर बंधु
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका में आई इस आपदा के बाद पड़ोसी देश की मदद के लिए तत्काल कदम उठाया है। भारत ने 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत श्रीलंका को राहत सामग्री भेजी है।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ट्वीट कर बताया कि भारतीय वायु सेना का C-130 J विमान लगभग 12 टन मानवीय सहायता सामग्री लेकर कोलंबो में उतरा है। इस सहायता में टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और खाने के लिए तैयार खाद्य पदार्थ (ready-to-eat food items) शामिल हैं। यह दर्शाता है कि भारत संकट की घड़ी में हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ खड़ा ह
'दित्वाह' का मतलब क्या है और नामकरण कैसे होता है?
श्रीलंका में आए इस चक्रवाती तूफान को 'दित्वाह' के नाम से जाना जा रहा है, जिसका अर्थ लैगून (Lagoon) से है।
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नामकरण: यह नाम यमन देश ने सुझाया था। यह नाम यमन के सोकोट्रा आइलैंड में मौजूद दित्वाह लैगून के नाम पर रखा गया है, जो अपने खास कोस्टल इकोसिस्टम के लिए प्रसिद्ध है।
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प्रक्रिया: तूफानों के नाम वर्ल्ड मेटेरोलॉजिकल ऑर्गनाइज़ेशन (WMO) और ट्रॉपिकल साइक्लोन पर UN ESCAP पैनल के हिसाब से तय किए जाते हैं। सदस्य देशों द्वारा सुझाए गए नामों की एक पहले से मंज़ूर लिस्ट का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि भ्रम से बचा जा सके और आपदा की पहचान आसानी से की जा सके।
भारत में अलर्ट और भारी बारिश की चेतावनी
IMD के अनुसार, यह तूफान 30 नवंबर को तमिलनाडु में आएगा।
समुद्र तट के पास रहने वाले लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। भारतीय नौसेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।