मुंबई, 29 नवम्बर, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। भारत के अंतरिम वनडे कप्तान केएल राहुल ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टीम की स्पिन के खिलाफ बल्लेबाज़ी को लेकर गंभीर चिंता जताई। राहुल ने माना कि पिछले कुछ समय से भारतीय बल्लेबाज़ स्पिन गेंदबाज़ी के सामने टिक नहीं पा रहे हैं, खासकर घरेलू पिचों पर। उन्होंने साफ कहा, “हम पहले स्पिन को काफी बेहतर खेलते थे, लेकिन अब क्यों नहीं कर पा रहे—इसका कोई निश्चित जवाब मेरे पास नहीं है।” राहुल ने यह भी बताया कि यह समस्या किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि सामूहिक है और सभी बल्लेबाज़ों को अपनी तकनीक, मानसिकता और तैयारी पर काम करने की जरूरत है।
पूर्व दिग्गजों से सीखने की योजना -
राहुल ने स्वीकार किया कि टीम इस कमी को दूर करने के लिए अनुभवी पूर्व खिलाड़ियों से सलाह लेगी। उन्होंने विशेष रूप से पूर्व महान बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर का उदाहरण दिया, जो स्पिन गेंदबाज़ी के खिलाफ बेहतरीन तकनीक के लिए जाने जाते हैं। राहुल के अनुसार, अगर युवा बल्लेबाज़ यह समझ सकें कि पुराने भारतीय बल्लेबाज़ स्पिन को इतने आत्मविश्वास से कैसे खेलते थे, तो टीम इस समस्या से जल्दी बाहर निकल सकती है। उन्होंने कहा कि सुधार की प्रक्रिया लंबी है और इसके लिए धैर्य और लगातार अभ्यास की आवश्यकता होगी।
हालिया हारों से उभरी कमजोरियाँ -
टीम की यह कमजोरी हाल की घरेलू टेस्ट और वनडे सीरीज़ में साफ दिखाई दी। कई मौकों पर स्पिनरों ने भारतीय बल्लेबाज़ों को दबाव में डालकर टीम की स्थिति कमजोर कर दी। विपक्षी टीमों के स्पिन गेंदबाज़ों ने भारतीय परिस्थितियों में अपेक्षा से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे टीम की योजनाएँ प्रभावित हुईं। पूर्व खिलाड़ियों ने भी हाल के प्रदर्शन को निराशाजनक बताते हुए कहा है कि भारतीय बल्लेबाज़ अब उन टीमों की तरह दिखने लगे हैं जिन्हें पारंपरिक रूप से स्पिन खेलने में दिक्कत होती है—यह स्थिति चिंताजनक है।
रणनीति, अभ्यास और सही संयोजन पर जोर -
आगामी वनडे सीरीज़ को ध्यान में रखते हुए राहुल ने कहा कि टीम विशेष रूप से स्पिन के खिलाफ तकनीक और फुटवर्क पर फोकस करेगी। उन्होंने बताया कि बल्लेबाज़ों को नेट्स में अधिक समय स्पिन के खिलाफ बिताना होगा, पिच की प्रकृति को समझकर रणनीति बनानी होगी और मैच स्थितियों के अनुसार धैर्य से खेलना होगा। राहुल ने भरोसा जताया कि टीम में मौजूद अनुभवी खिलाड़ियों का मार्गदर्शन और नई रणनीतियों पर काम करके टीम जल्द ही इस चुनौती से बाहर आएगी। उन्होंने कहा कि सही टीम संयोजन और ठोस अभ्यास भारतीय बल्लेबाज़ी को दोबारा मजबूती दे सकते हैं।
KL राहुल – क्रिकेट करियर सारांश -
| प्रारूप (Format) |
मैच (Matches) |
रन (Runs) |
उच्चतम स्कोर (HS) |
औसत (Average) |
शतक (100s) |
अर्द्धशतक (50s) |
स्ट्राइक रेट / बॉल-फेस्ड |
| Test |
66 |
4,025 |
199 |
36.26 |
11 |
20 |
SR ~52, BF ~7,700+ |
| ODI |
88 |
3,092 |
112 |
48.31 |
7 |
18 |
SR ~88 |
| T20I |
72 |
2,265 |
110* |
37.75 |
2 |
22 |
SR ~139 |
| IPL / T20 Domestic |
145 |
5,222 |
132 |
46.00 |
5 |
40 |
SR ~136 |
KL राहुल – अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ -
| श्रेणी |
विवरण |
| डबल नर्वस ब्रेकर्स |
टेस्ट में 199 रन — एक रन से दोहरा शतक चूके |
| भारतीय ओपनर के तौर पर स्थिर प्रदर्शन |
विदेशों और घरेलू पिचों पर कई अहम पारियाँ |
| लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में भरोसेमंद खिलाड़ी |
ODI में 48+ औसत और T20I में 139+ स्ट्राइक रेट |
| स्टाइल |
टेक्निकल, एंकर्स की भूमिका + आक्रामक शॉट्स की क्षमता |
| विशेष भूमिका |
टीम इंडिया में ओपनिंग + मिडिल ऑर्डर दोनों पोजिशन पर खेल चुके |