अमेरिका के सबसे बड़े शहर न्यूयॉर्क सिटी में एक नया इतिहास रचा गया है। भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने गुरुवार को न्यूयॉर्क के मेयर के रूप में शपथ ली। इस पद पर काबिज होने वाले वह पहले मुस्लिम और भारतीय मूल के नेता बन गए हैं। हालांकि, अपने कार्यकाल के पहले ही दिन वह एक कूटनीतिक चर्चा का विषय बन गए हैं, क्योंकि सोशल मीडिया पर उनके द्वारा तिहाड़ जेल में बंद सोशल एक्टिविस्ट उमर खालिद को लिखा गया एक पत्र वायरल हो रहा है।
"हम आपके बारे में सोच रहे हैं": ममदानी का भावुक पत्र
जोहरान ममदानी द्वारा उमर खालिद को लिखा गया यह पत्र बिना किसी तारीख का है, लेकिन यह उसी दिन सार्वजनिक हुआ जब ममदानी ने मेयर पद की शपथ ली।
पत्र के मुख्य अंश:
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कड़वाहट पर संदेश: ममदानी ने लिखा, "डियर उमर, मैं अक्सर कड़वाहट पर आपके शब्दों के बारे में सोचता हूं और इस बात की अहमियत को याद करता हूं कि उसे खुद पर हावी न होने दिया जाए।"
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परिवार से मुलाकात: उन्होंने पत्र में उमर खालिद के माता-पिता से अपनी हालिया मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा, "आपके माता-पिता से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हम सभी आपके बारे में सोच रहे हैं।"
जोहरान ममदानी और उमर खालिद का पुराना जुड़ाव
यह पहली बार नहीं है जब ममदानी ने उमर खालिद का समर्थन किया है।
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जून 2023: न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के सदस्य के रूप में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले आयोजित एक कार्यक्रम में उमर खालिद की जेल से लिखी गई रचनाओं को पढ़ा था।
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सक्रियता: उन्होंने हमेशा उमर खालिद की लंबी हिरासत (बिना मुकदमे के 1000 से अधिक दिन) और UAPA कानून के तहत उनकी गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं।
अंतरराष्ट्रीय दबाव और अमेरिकी सांसदों का साथ
ममदानी का यह पत्र ऐसे समय में आया है जब भारत पर उमर खालिद के मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। हाल ही में अमेरिका के 8 सांसदों ने भी वॉशिंगटन में भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर खालिद की रिहाई और निष्पक्ष सुनवाई की मांग की है। सांसदों ने इस बात पर चिंता जताई है कि 2020 से जेल में बंद होने के बावजूद अभी तक मुकदमा (Trial) शुरू नहीं हुआ है।
उमर खालिद: 2020 से सलाखों के पीछे
जेएनयू (JNU) के पूर्व छात्र उमर खालिद को सितंबर 2020 में दिल्ली दंगों की कथित साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
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कानूनी स्थिति: उन पर कड़ा आतंकवाद विरोधी कानून UAPA लगाया गया है।
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जमानत: दिल्ली की अदालतों ने उनकी नियमित जमानत याचिकाएं कई बार खारिज की हैं। हालांकि, हाल ही में दिसंबर 2025 में उन्हें अपनी बहन की शादी के लिए 14 दिनों की अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसमें उन पर मीडिया से बात न करने जैसी सख्त शर्तें लगाई गई थीं।